Eighties(1980-89)

Dikhayee Diye Yun (Bazaar)

By  | 

Song Info

Movie/Album: Bazar (1982)
Music Director: khayyam
Lyrics Meer Taki Meer
Singers: Lata Mangeshkar



Lyrics in Hindi

दिखाई दिए यूँ कि बेखुद किया
हमें आप से भी जुदा कर चले
दिखाई दिए यूँ…

जबीं सजदा करते ही करते गई
हक़-ए-बंदगी हम अदा कर चले
दिखाई दिए यूँ…

परस्तिश किया तक कि ऐ बुत तुझे
नज़र में सभों की ख़ुदा कर चले
दिखाई दिए यूँ…

बहुत आरज़ू थी गली की तेरी
सो यास-ए-लहू में नहा कर चले
दिखाई दिए यूँ..

Song Trivia

Official Video

Rendition by Hina Nasrullah

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1 Comment

  1. rakesh kr. verma

    June 28, 2019 at 2:18 pm

    रचना – दिखाई दिए यूँ कि बेखुद किया
    गीतकार – मीर तकी मीर
    दिखाई दिए यूं…..दिखाई (दर्शन)। एकांतिक निष्ठा सहित भक्तिपूर्ण ऐसा दर्शन, जिससे मेरा अस्तित्व नष्ट हो जाये (हमे आपसे भी जुदा….) और मैं स्वयं को तुझ में पाऊँ।
    जभी सजदा करते….आपके आदर्शों का अनुकरण करने के लिए याचनाबद्ध नित साष्ट्रांग अभिवादन करने हुए (हक.ए.बंदगी…).जीवन को धन्य मानता हूँ।
    (परस्तिश किया तक.)….आस्था के प्रतीकों (बुत, मूर्ति) का इस प्रकार अनुष्ठान करता हूँ कि (नज़र में सभों …. )जनचेतन में आपके प्रति भक्ति जागृत हो जाये।
    (बहुत आरज़ू थी गली …..)आपके उत्तम चरित्र, मर्यादा प्राप्ति हेतु (अनुकरण) तीव्र उत्कण्ठा से संकल्प लेने को उद्यत होता हूँ (सोयास.ए.लहू में….) तभी विषयरूपी पवन से प्रभावित असंयमित बुद्धि के कारण ज्ञानरूपी प्रकाश बुझ जाता है।(विषय समीर बुद्धि कत भोरी, तेहि विधि दीप को बार बहोरी)
    राकेश कुमार वर्मा 9926510851

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