Fifties(1950-59)

Jinhe Naaz Hai Hind Par (Pyaasa)

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Song Info

Movie/Album: Pyaasa



Release:1957
Music Director: S.D.Burman
Lyrics Sahir Ludhiyanvi
Singers: Mohammed Rafi

Lyrics in Hindi

ये कूचे, ये नीलामघर दिलकशी के

ये लुटते हुए कारवाँ ज़िन्दगी के

कहाँ हैं, कहाँ है, मुहाफ़िज़ ख़ुदी के

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये पुरपेच गलियाँ, ये बदनाम बाज़ार

ये ग़ुमनाम राही, ये सिक्कों की झन्कार

ये इस्मत के सौदे, ये सौदों पे तकरार

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये सदियों से बेख्वाब, सहमी सी गलियाँ

ये मसली हुई अधखिली ज़र्द कलियाँ

ये बिकती हुई खोखली रंग-रलियाँ

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

वो उजले दरीचों में पायल की छन-छन

थकी-हारी साँसों पे तबले की धन-धन

ये बेरूह कमरों में खाँसी की ठन-ठन

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये फूलों के गजरे, ये पीकों के छींटे

ये बेबाक नज़रें, ये गुस्ताख फ़िकरे

ये ढलके बदन और ये बीमार चेहरे

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

यहाँ पीर भी आ चुके हैं, जवाँ भी

तनोमंद बेटे भी, अब्बा, मियाँ भी

ये बीवी भी है और बहन भी है, माँ भी

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

मदद चाहती है ये हौवा की बेटी

यशोदा की हमजिंस, राधा की बेटी

पयम्बर की उम्मत, ज़ुलयखां की बेटी

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ज़रा मुल्क के रहबरों को बुलाओ

ये कुचे, ये गलियाँ, ये मंजर दिखाओ

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर उनको लाओ

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

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