Drama

Jise Samjhe The Hum (Ek Naya Rishta)

By  | 

Movie: Ek Naya Rishta
Release: 1970
Featuring Actors: Rekha, Raj Kiran
Music Director: Mohammed Zahur Khayyam
Lyrics:  Muqtida Hasan Nida Fazli
Singer:  Bhupinder Singh, Lata Mangeshkar
Trivia:

Lyrics in Hindi

जिसे समझे थे हम अफ़साना कल तक
जिसे समझे थे हम अफ़साना कल तक
वो अफसाना हक़ीक़त तो नहीं है
वो अफसाना हक़ीक़त तो नहीं है
जो हमसे दूर भी है पास भी है
जो हमसे दूर भी है पास भी है
कही उनसे मोहब्बत तो नहीं है
कही उनसे मोहब्बत तो नहीं है

जिन्हे हम छोड़ आये ज़िन्दगी में
जिन्हे हम छोड़ आये ज़िन्दगी में
वाही शामिल है हर ग़म में ख़ुशी में
जो अपना हुआ नज़र दीवानगी में
जो अपना हुआ नज़र दीवानगी में
उधर भी तो ऐसी हालत तो नहीं है
कही उनसे मोहब्बत तो नहीं है

हर एक मंज़र से एक चेहरा बनाना
हर एक मंज़र से एक चेहरा बनाना
युही कागज़ पे कुछ लिखना मिटाना
किसी को याद कर कर के भूलना
किसी को याद कर कर के भूलना
अकेलेपन की आदत तो नहीं है
कही उनसे मोहब्बत तो नहीं है

सदाए सुनी सुनी सी है ऐसे
सदाए सुनी सुनी सी है ऐसे
कही कुछ खो गया हो अपना जैसे
हम अपने आपको बहलाये कैसे
हम अपने आपको बहलाये कैसे
ये बेचैनी तो रहत नहीं है
कही उनसे मोहब्बत तो नहीं है

ये दुनिया यूँ तो कहने को वही है
ये दुनिया यूँ तो कहने को वही है
मगर लगता है अब कुछ अजनबी है
न जाने कौन सी इसमें कमी है
न जाने कौन सी इसमें कमी है
हमे उनकी ज़रूरत तो नहीं है
कही उनसे मोहब्बत तो नहीं है
जिसे समझे थे हम अफ़साना कल तक
वो अफसाना हकीकत तो नहीं है
जो हमसे दूर भी है पास भी है
कही उनसे मोहब्बत तो नहीं है
कही उनसे मोहब्बत तो नहीं है
कही उनसे मोहब्बत तो नहीं है
कही उनसे मोहब्बत तो नहीं है.


Lyrics in English

Jise samjhe the hum afsana kal tak
Jise samjhe the hum afsana kal tak
Wo afsana haqiqat to nahi hai
Wo afsana haqiqat to nahi hai
Jo humse door bhi hai pas bhi hai
Jo humse door bhi hai pas bhi hai
Kahi unse mohabbat to nahi hai
Kahi unse mohabbat to nahi hai

Jinhe hum chhod aaye zindagi mein
Jinhe hum chhod aaye zindagi mein
Vahi shamil hai har gham mein khushi mein
Jo apna huya nazar deewangi mein
Jo apna huya nazar deewangi mein
Udhar bhi to aisi halat to nahi hai
Kahi unse mohabbat to nahi hai

Har ek manzar se ek chehara banana
Har ek manzar se ek chehara banana
Yuhi kagaz pe kuchh likhna mitana
Kisi ko yaad kar kar ke bhulana
Kisi ko yaad kar kar ke bhulana
Akelepan ki aadat to nahi hai
Kahi unse mohabbat to nahi hai

Sadaye suni suni si hai aise
Sadaye suni suni si hai aise
Kahi kuchh kho gaya ho apna jaise
Hum apne aapko bahlaye kaise
Hum apne aapko bahlaye kaise
Ye bechaini to rahat nahi hai
Kahi unse mohabbat to nahi hai

Ye duniya yu to kehne ko wahi hai
Ye duniya yu to kehne ko wahi hai
Magar lagta hai ab kuchh ajnabi hai
Na jane kon si isme kami hai
Na jane kon si isme kami hai
Hume unki zaroorat to nahi hai
Kahi unse mohabbat to nahi hai
Jise samjhe the hum afsana kal tak
Wo afsana hakikat to nahi hai
Jo humse door bhi hai pas bhi hai
Kahi unse mohabbat to nahi hai
Kahi unse mohabbat to nahi hai
Kahi unse mohabbat to nahi hai
Kahi unse mohabbat to nahi hai.

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