Eighties(1980-89)

Kehni Hai (Aapas Ki Baat)

By  | 

Movie: Aapas Ki Baat
Release:  1981
Featuring Actors: Poonam Dhillon, Raj Babbar
Music Directors: Anu Malik
Lyrics: Dayanath Pandey
Singers: Lata Mangeshkar, Shailendra Singh
Trivia:

Lyrics in Hindi

कहनी है तुमसे दो बाते
कहूँगा मगर कानो में
वो तुम कहना नहीं किसी से
अपने या बेगानो में
कहनी है तुमसे दो बाते
कहूँगा मगर कानो में
वो तुम कहना नहीं किसी से
अपने या बेगानो में
कानो में तो चोर है कहते
सूरत पे भोने भले अंदर से
कुछ और है क्या
कहनी है

बात हवाये नूर की है अभी
तुझे मालूम नहीं
तेरी तरह से हर कोई है
जाने मैं मासूम नहीं
कौन सी बात पहले कहु
जीने की या हँसी ख्वाब की
है बात सीधी सी हमसे करो
ये पहेली है क्या आपकी
पास आओ तो फिर हम बताये
ढकने की दो बातें सुनाई
कहनी है तुमसे दो बाते
कहूँगा मगर कानो में
वो तुम कहना नहीं किसी से
अपने या बेगानो में
कानो में तो चोर है कहते
सूरत पे भोने भले अंदर से
कुछ और है क्या तू मेरी है
कहनी है

दिल की बात है कहना मुश्किल
खवाब की ही बात बताये
इतना प्यारा खवाबो और सपना
भूले से भी भूल न पाये
एक पारी देखी मैंने उतारते
तारो की राह से धीरे धीरे
आँखों में थी चमक नीलम की
थे अँगूठी में भी उसके हिरे
हाथ से उसने अपने उत्तरी
हूबहू सकल सूरत तुम्हारी
उसने पहना ये फिर तुम कहोगे
हो गए होंगे पल भर में जोगी
उसने चाहा होगा जब भी जाना
राह बनके वही रोकि होगी

अरे तूने ये सब कैसे जाना
हाथ अपना जरा दिखाना न न न
अब कहोगे यही है अंगूठी
बात दिल पर मगर है ये झूठी
तुम तो झुटे हो एक नम्बरी
न था सपना न कोई पारी
तुम चले थे हमीं को बनाने
देख के मस्त मौसम सुहाने
कहनी है तुमसे दो बाते
कहूँगा मगर कानो में
वो तुम कहना नहीं किसी से
अपने या बेगानो में
कानो में तो चोर है कहते
सूरत पे खोने वाले अंदर से
कुछ और है क्या.


Lyrics in English

Kehni hai tumse do baate
Kahunga magar kano me
Wo tum kahna nahi kisi se
Apne ya begano me
Kehni hai tumse do baate
Kahunga magar kano me
Wo tum kahna nahi kisi se
Apne ya begano me
Kano me to chor hai kehte
Surat pe bhone bhale andar se
Kuchh aur hai kya,
Kehni hai, kehte raho

Baat hawaye nur ki hai abhi
Tujhe malum nahi
Teri tarha se har koi hai
Jane mann masum nahi
Kaun si bat pehle kahu
Jine ki ya hansi khawab ki
Hai baat sidhi si humse karo
Ye paheli ha kya aapki
Pas aao to phir hum bataye
Dhakano ki do bate sunaye
Kehni hai tumse do baate
Kahunga magar kano me
Wo tum kahna nahi kisi se
Apne ya begano me
Kano me to chor hai kehte
Surat pe bhone bhale andar se
Kuchh aur hai kya tu meri hai
Kehni hai, kehte raho

Dil ki bat hai kahna mushkil
Khawab ki hi baat bataye
Itna pyara kahwabo aur sapna
Bhule se bhi bhul na paye
Ek pari dekhi maine utarte
Taro ki rah se dhire dhire
Aankho me thi chamak nilam ki
The anguthi me bhi uske hire
Hath se usne apne utari
Hubahu sakal surat tumhari
Usne pehna ye phir tum kahoge
Ho gaye hoge pal bhar me jogi
Usne chaha hoga jab bhi jana
Rah banke wahi roki hogi

Arey tune ye sab kaise jana
Hath apna jara dikhana na na na
Ab kahoge yahi hai anguthi
Baat dil par magar hai ye juthi
Tum to jhute ho ek numbari
Na tha sapna na koi pari
Tum chale the humi ko bananae
Dekh ke mast mosam suhane
Kehni hai tumse do baate
Kahunga magar kano me
Wo tum kahna nahi kisi se
Apne ya begano me
Kano me to chor hai kehte
Surat pe khone wale andar se
Kuchh aur hai kya.

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