Drama

Mujhe Ladka Tu Hi Aya (Atmaram)

By  | 

Movie: Atmaram
Release:  1979
Featuring Actors: Shatrughan Sinha, Vidya Sinha, Bindiya Goswami,
Music Directors: Shankar Jaikishan
Lyrics: M. G. Hashmat
Singers: Asha Bhosle
Trivia:

Lyrics in Hindi

एक था कंहा एक थी राधा
आज वो गीत सुनाओ न
उन दोनों की प्रेम कहानी
हम नाचे तुम गाओ न
पंडित घनी और पुजारी
क्या सादु क्या कन्या थी
सब कहते है जूथ हमे
तुम सच्ची बात बता न

क्या सच है क्या झूठ है
क्या सच है क्या झूठ है
ये हमसे न पूछो
अपनी आत्मा से पूछो
अपने राम से पूछो

क्या सच है क्या झूठ है
ये हमसे न पूछो
अपनी आत्मा से पूछो
अपने राम से पूछो
अपनी आत्मा से पूछो
अपने राम से पूछो
क्या सच है क्या झूठ है

तन से लगता कुंवर कन्या
मन से लगता जोगी है
कोई कहे बहरूबिया उसको
कोई कहे वो ढोंगी है
जैसी जिदकी नजर है
वैसे दीखता बाला जोगी है
न बहरूबिया न दूँगी
वो तो प्रेम रोगी है
हा प्रेम रोग किसको कहते है
इतना तो बोलो

अपनी आत्मा से पूछो
अपने राम से पूछो
अपनी आत्मा से पूछो
अपने राम से पूछो
क्या सच है क्या झूठ है

कोण उसे बन्दे है जिसपे
चलता नहीं किसी का जोर
इन हाथो में ड़ोर है उसकी
जिसके हाथों में सभी की डोर
जो सबको बन्दे है
उसपर चलते सिर्फ दिलो का दौर
एक तरफ राखी का बंधन
एक तरफ मनका की डोर
एक गीत रहा कर्म का बंदन
उसकी बात कहो
अपनी आत्मा से पूछो
अपने राम से पूछो
अपनी आत्मा से पूछो
अपने राम से पूछो
क्या सच है क्या झूठ है

पूछ लिया है अपने दिल से
दिल में आकर चोर छुपा
बेध अपना जान लिया पर अपना
दिल न खोल सका
उसके दिल में सबकी मोहब्बत
दिल न किसी का तोड़ सका
बोलना चाहा था सच सच मगर
मगर प्यार की ये वो बोल न सका
फिर तो वो झूठा है
सारी दुनिया से कह दो

अपनी आत्मा से पूछो
अपने राम से पूछो
अपनी आत्मा से पूछो
अपने राम से पूछो
क्या सच है क्या झूठ है.


Lyrics in English

Ek tha kanha ek thi radha
Aaj vo geet sunao na
Un dono ki prem kahani
Hum nache tum gao na
Pandit ghani aur pujari
Kya sadu kya kanya thi
Sab kahte hai juth hume
Tum sachi baat bato na

Kya sach hai kya juth hai
Kya sach hai kya juth hai
Ye humse na pucho
Apni atma se pucho
Apne raam se pucho

Kya sach hai kya juth hai
Ye humse na pucho
Apni atma se pucho
Apne raam se pucho
Apni atma se pucho
Apne raam se pucho
Kya sach hai kya juth hai

Tan se lagta kunwar kaniya
Man se lagta jogi hai
Koi kahe baharubiya usko
Koi kahe vo dongi hai
Jaisi jidki najar hai
Vaise dikhta bala jogi hai
Na bahrubiya na dongi
Vo to prem rogi hai
Ha prem rog kisko kahte hai
Itna to bolo, bolo

Apni atma se pucho
Apne raam se pucho
Apni atma se pucho
Apne raam se pucho
Kya sach hai kya juth hai

Kon use bande hai jispe
Chalta nahi kisi ka jaur
In hatho me dor hai uski
Jiske hatho me sabhi ki dor
Jo sabko bande hai
Uspar chalta sirf dilo ka dor
Ek taraf rakhi ka bandhan
Ek taraf manka ki dor
Ek geet raha karm ka bandan
Uski baat kaho, kaho
Apni atma se pucho
Apne raam se pucho
Apni atma se pucho
Apne raam se pucho
Kya sach hai kya juth hai

Puch liya hai apne dil se
Dil me aakar chor chupa
Bedh apna jaan liya par apna
Dil na khol saka
Uske dil me sabki mohabbat
Dil na kisi ka todh saka
Bolna chaha tha sach sach magar
Magar pyar ki ye vo bol na saka
Fir to vo jutha hai
Sari duniya se kah do, kah do

Apni atma se pucho
Apne raam se pucho
Apni atma se pucho
Apne raam se pucho
Kya sach hai kya juth hai.

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