Philosophical

Ye Raat Bahot Rangeen Sahi (Shagoon)

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Song Info

Movie/Album: Shagoon



Release: 1964

Music Director: Khayyam

Lyrics Sahir Ludhianvi

Singers: Mohammed Rafi

Lyrics in Hindi

ये रात बहुत रंगीन सही
ये रात बहुत रंगीन सही
इस रात में गम का ज़हर भी है
नगमो की खनक में उलझी हुई
फरियादो पूवा की लेहर भी है
ये रात बहुत रंगीन सही
तुम रक्स करो मैं शेर पढूं
मतलब तो है कुछ खैरत मिले
इस गाँव के बच्चो की खातिर
कुछ सीखो की सौगात मिले
लेकिन इस फीकी दौलत से
कितने बच्चे पढ़ सकते है
ईलम और अदब की मंज़िल के
कितने सिने चढ़ सकते है
कितने बच्चे पढ़ सकते है
ईलम और अदब की मंज़िल के
कितने सिने चढ़ सकते है
ये रात बहुत रंगीन सही
इस रात में गम का ज़हर भी है
ये रात बहुत रंगीन सही
दौलत की कमियां सी तो नहीं
फिर भी ग़ुरबत का राज़ है क्यूँ
सिक्के तो हज़ारो ढल ढल कर
तत्काल से बाहर आते है
किन वरो में खो जाते है
किन पर्दो में छूप जाते है
ये रात बहुत रंगीन सही
इस रात में गम का ज़हर भी है
नगमो की खनक में उलझी हुई
फरियादो पूवा की लेहर भी है
ये रात बहुत रंगीन सही

Song Trivia

Official Video

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Avid music lover and Dev Anand fan

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