Sixties(1960-69)

Yeh Lucknow Ki Sar Zameen (Chaudhvin Ka Chand)

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Song Info

Movie/Album: Chaudhvin Ka Chaand

Release: 1960

Music Director: Ravi

Lyrics Shakeel Badayuni

Singers: Mohammed Rafi

Lyrics in Hindi

ये लखनऊ की सरज़मीं –५

ये रंग रूप का चमन , ये हुस्न ओ इश्क़ का वतन

यही तो वो मुकाम है, जहाँ अवध की शाम है

जवान जवान हसीं हसीं

ये लखनऊ की सरज़मीं–२

शबाब ओ शेर का ये घर , ये अहले इल्म का नगर

है मंज़िलों की गोद में, यहाँ हर एक रहगुज़र

ये शहर लालादार है, यहाँ दिलों में प्यार है

जिधर नज़र उठाइये, बहार ही बहार है

कली कली है नाज़नीन

ये लखनऊ की —२

यहाँ की सब रवायतें, अदब की साहकार हैं

अमीर अहले दिल यहाँ , गरीब जान निसार है

हर एक शाख पे यहाँ है बुलबुलों के चहचहे

गली-गली में ज़िन्दगी कदम कदम पे कहकहे

हर इक नज़ारा दिलनशीं

ये लखनऊ की —-२

यहाँ के दोस्त बागबा मोहब्बतों से आश्ना

किसी के हो गए अगर रहे उसी के उम्र भर

निभाई अपनी आन भी, बढ़ाई दिल की शान भी

हैं ऐसे मेहरबान भी कहो तो दे दे जान भी

जो दोस्ती का हो यकीं

ये लखनऊ की सरज़मीं –३

Song Trivia

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