Drama

Yeh Natak Kavi Likh Gaye (Khilona)

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Song Info

Movie/Album: Khilona

Release: 1970

Music Director: Laxmikant Pyarelal

LyricsAnand Bakshi

Singers: Manna Dey

Lyrics in Hindi

ये नाटक कवि लिख गए कालिदास 

ये नाटक कवि लिख गए कालिदास कहीं पे तपोवन की भूमि के पास 

किसी मृग का पीछा जो करते हुए ताकी सुंदरी एक दुष्यंत ने  

शिकारी का मन  हो गया  खुद शिकार 

उसे भा गयी उस चमन की बहार

लगती थी वो कोई अप्सरा 

उसका था नाम शकुंतला शकुंतला शकुंतला 

एक कली थी वो जो चटक गयी भंवरे के संग वो भटक गयी 

प्रीतम को मन में बसा लिया गन्दर्भ ब्याह रचा लिया 

जब सेज सज गयी प्रीत से 

जब सेज सज गयी प्रीत से, मन ने कहा मन मीत  से

मोहे छोड़ तो न जाओगे -२ 

हो रसिया मन बसिया पिया लेक जिया मोहे छोड़ तो न जाओगे 

सगरी नगरी के तुम हो राजन डरती हूँ मैं ये सोच के साजन 

मोहे भूल तो न जाओगे, पिया छोड़ तो न जाओगे 

बन की रानी के वो गीत गाते  हुए, राजा वापस नगरिया को जाते हुए 

एक अंगूठी निशानी उसे दे गया, प्रेम की एक कहानी उसे दे गया 

जागते वक़्त भी सोई रहती थी वो , सैयां के ध्यान में खोई रहती थी वो 

खोई रहती थी वो, खोई रहती थी वो 

एक दिन द्धार  पे आया एक महर्षि कोई है, कोई है उसने आवाज़ दी 

प्यार की हाय किस्मत है कितनी ख़राब 

जब मिला न अतिथि को कोई जवाब 

दे दिया दे दिया उसने निर्दोष को ये शाप 

Song Trivia

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