Ghazals

Machal Ke Jab Bhi Aankhon Se (Griha Pravesh)

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Song Info

Movie/Album:Griha Pravesh

Release: 1979

Music Director: Kanu Roy

Lyrics Gulzar

Performed By :Bhupinder

Lyrics in Hindi

मचल के जब भी आँखों से छलक जाते हैं दो आँसू 

सुना हैं आबोशारों को बड़ी तकलीफ़ होतीं हैं 

खुदारा अब तो बुझ जाने दो इस जलती हुई लौ को 

चरागों से मजारों को बड़ी तकलीफ़ होतीं हैं

 

कहू क्या वो बड़ी मासूमियत से पूछ बैठे हैं 

क्या सचमुच दिल के मारों को बड़ी तकलीफ़ होतीं हैं 

तुम्हारा क्या तुम्हें तो राह दे देते हैं काँटे भी 

मगर हम खांकसारों को बड़ी तकलीफ़ होतीं हैं 

Song Trivia

Official Video

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